मैं क्यों लिख रहा हूँ ... कुछ भी तो नहीं है मेरे पास..
शाख से टूटे पत्ते की तरह हूँ फिर भी मुझे जीया रहे हो,
सोचते हो मनी प्लांट हूँ.. पानी भरी बोतल में डाल दोगे तो हरा भरा हो जाऊंगा..
क्या सोचा है मेरे से कुछ मिलेगा.. पागल हो गये हो ... तुम सब ..
जाओ यहाँ से मुझे चैन से मरने दो !!!
शाख से टूटे पत्ते की तरह हूँ फिर भी मुझे जीया रहे हो,
सोचते हो मनी प्लांट हूँ.. पानी भरी बोतल में डाल दोगे तो हरा भरा हो जाऊंगा..
क्या सोचा है मेरे से कुछ मिलेगा.. पागल हो गये हो ... तुम सब ..
जाओ यहाँ से मुझे चैन से मरने दो !!!